मोदी की सफलता से आखिर कांग्रेस में इतनी बौखलाहट क्यों

भारतीय वायुसेना की पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक के बाद से कांग्रेस पार्टी के नेता बौखला गए हैं और अंट शंट बयानबाजी कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद बीके हरिप्रसाद तो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की सहमति से इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खानी के बीच मैच फिक्स तक करार दे चुके हैं। दरअसल, अमरीका और इजरायल के बाद भारत ऐसा तीसरा देश बन गया है जिसने आतंक के खिलाफ किसी दूसरी देश में घुसकर मारा है और यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ है। उरी आतंकी हमले के बाद भी भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी तब भी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र में भाजपा सरकार से सबूत मांनगे लगे थे। हालांकि इस बार राहुल गांधी के नेतृत्व में उनके नेता कभी सबूत मांग रहे हैं तो कभी गलत बयानबाजी कर रहे हैं। उधर, सीमा पर रोजाना पाकिस्तान की नापाक हरकतें देखने में आ रही हैं। इसके बावजूद कांग्रेस को सबूत चाहिए। अगर उनको सही मायने में सबूत ही देखने हैं तो उनको भारतीय सेना के साथ सीमा पर तैनात हो जाना चाहिए। वे रोजाना उस मंजर से रूबरू हो सकेंगे जिससे भारतीय सेना के जवान रोजाना लड़ रहे हैं।

दरअसल, ​सर्जिकल स्ट्राइक की सफलता के बाद मोदी सरकार की लोकसभा चुनाव में जीत पक्की नजर आ रही है। मोदी की यह सफलता कांग्रेस का रास नहीं आ रही है। इसलिए कांग्रेस किसी भी तरह से मोदी सरकार को बदनाम करने में लगी हुई है। इस बौखलाहट में कांग्रेस के अधिकतर नेता सरकार पर रोजाना कोई न कोई आरोप लगाने से नहीं चूक रही है। यहां राजस्थान का एक उदाहरण देते हुए चलते हैं कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एयर स्ट्राइक पर सवाल उठा रहे थे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पूछ रहे थे कि एयर स्ट्राइक में कितने आतंकी मरे सरकार नहीं बता रही है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी इनकी संख्या नहीं बताई गई। वे पूरी तरह से इसे फर्जी करार देना चाह रहे थे। लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर अभी चार दिवसीय दौरे पर गए और बीएसएफ के जवानों से मिले तो उनके सुर भी एकदम से बदल गए। अब वे कह रहे हैं कि एयर स्ट्राइक में कितने आतंकी मारे गए बहस इस बात पर नहीं होनी चाहिए बल्कि आतंकवादी खत्म करने पर होनी चाहिए। कहीं न कहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बीएसएफ के जवानों से मिलने के बाद सच जाना होगा। तब एयर स्ट्राइक पर उनके बोल बदल गए। इसलिए भारतीय सेना की किसी भी कार्रवाई पर सवाल नहीं उठाना चाहिए। शायद, कांग्रेस यह भूल गई है कि इससे किसी सरकार की नहीं बल्कि देश की बदनामी हो रही है। देश के नेता क्या कर रहे हैं यह सब जनता देख रही हैं। जनता बोलती भले ही नहीं लेकिन उनको भी जवाब देना आता है और वे चुनाव के दौरान इसका सही जवाब भी देती है। कांग्रेस को यह बात मान लेनी चाहिए कि एयर स्ट्राइक के बाद भारत की ख्याति बढ़ी है। क्योंकि आतंक के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई करना बेहद जरूरी है।

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